कहानी में अभी तक आपने सुना कि कई महीनों से ब्योमकेश बक्शी को कोई काम नहीं मिलता और वो अजित बाबू के साथ घर में हताश बैठा होता है. तभी उनके पड़ोसी देबकुमार बाबू का बेटा हाबुल कमरे में दाखिल होता है. हाबुल रोते हुए बताता कि उसकी बहन की अचानक मौत हो गई जबकि वो बिल्कुल ठीक थी. वो ब्योमकेश से आग्रह करता है कि उसके घर चलकर मामले को देखे...अब आगे...
 
Read more - Original news link
Be the first person to like this.
Similar news
कहानी में अभी तक आपने सुना कि कराली बाबू की हत्या के सिलसिले में शक की सुई सुकुम...
13 June, 06:59
कहानी में अभी तक आपने सुना कि ब्योमकेश बक्शी अपने पड़ोसी देबकुमार बाबू की बेटी क...
29 May, 05:50
कहानी में अभी तक आपने सुना कराली बाबू की हत्या की जांच ब्योमेकेश के हाथों होती ह...
10 April, 05:31
कहानी में अभी तक आपने सुना कि मशहूर वैज्ञानिक देबकुमार बाबू की बेटी का कत्ल हो ज...
01 June, 06:38
कहानी में अभी तक आपने सुना कि ब्योमकेश बक्शी अपने पड़ोसी देबकुमार बाबू की बेटी क...
30 May, 06:10
कहानी में अभी तक आपने सुना कि ब्योमकेश बक्शी सुकुमार बाबू की बेटी रेखा और बेटे ह...
08 June, 06:59
कहानी में अभी तक आपने सुना कि मशहूर वैज्ञानिक देबकुमार बाबू की बेटी का कत्ल हो ज...
31 May, 07:19
एक क्षण बाद दरवाजा खोलकर हाबुल तेजी से अंदर आकर बैठ गया । उसके मुंह पर हवाइयां उ...
12 June, 06:24